राज्यसभा में संजय भाटिया ने उठाए जनगणना और हाई-स्पीड कॉरिडोर के मुद्दे
चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा सांसद संजय भाटिया लगातार जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रमुखता से उठा रहे हैं। करनाल से पूर्व लोकसभा सांसद रहे संजय भाटिया ने बुधवार को जनगणना-2027 की तैयारियों और हरियाणा में राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर एवं एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी, जिस पर संबंधित मंत्रालयों ने सदन में तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत किया।
गृह मंत्रालय की ओर से बताया गया कि हरियाणा में जनगणना-2027 का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक किया गया, जबकि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा उपलब्ध कराई गई। पूरी प्रक्रिया में मोबाइल एप्लीकेशन और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया। साथ ही राज्य सरकार के सहयोग से मास्टर ट्रेनरों, फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण भी समय पर पूरा किया गया।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि जनगणना-2027 की तैयारियों के लिए हरियाणा सरकार को अब तक 107.87 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। यह राशि प्रशिक्षण, तकनीकी अवसंरचना, जनशक्ति सहायता तथा जनगणना अधिकारियों के मानदेय सहित विभिन्न कार्यों पर खर्च की जा रही है।
इसी दौरान सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्ग और हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं की प्रगति का भी ब्यौरा साझा किया। मंत्रालय के अनुसार राज्य में 611.92 किलोमीटर लंबी 23 हाई-स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं लगभग 33,167.85 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जा चुकी हैं।
इन परियोजनाओं में दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के पांच पैकेज, इस्माइलाबाद-नारनौल कॉरिडोर के आठ पैकेज, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के तीन पैकेज, द्वारका एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सहित कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शामिल हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से हरियाणा में यातायात सुगम होगा, औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।



